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mahabharat 1.137.40: उस युद्ध में किरीटधारी पार्थ ने बाणों का विशाल जाल बिछाकर अचानक पांचालों पर आक्रमण कर दिया, जिससे वे व्याकुल हो गये।   |   mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  1.137.40 
तत: किरीटी सहसा पाञ्चालान् समरेऽद्रवत्।
छादयन्निषुजालेन महता मोहयन्निव॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
उस युद्ध में किरीटधारी पार्थ ने बाणों का विशाल जाल बिछाकर अचानक पांचालों पर आक्रमण कर दिया, जिससे वे व्याकुल हो गये।
 
In that war the crown-wearing Partha spread out a huge net of arrows and suddenly attacked the Panchalas, enveloping and mesmerizing them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)