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mahabharat 1.137.39: वह युद्ध देखने में अत्यंत भयानक और अद्भुत था। शत्रुओं की गर्जना सुनकर इन्द्रकुमार अर्जुन उसे सहन नहीं कर सके।   |   mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  1.137.39 
तद् युद्धमभवद् घोरं सुमहाद्‍भुतदर्शनम्।
सिंहनादस्वनं श्रुत्वा नामृष्यत् पाकशासनि:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
वह युद्ध देखने में अत्यंत भयानक और अद्भुत था। शत्रुओं की गर्जना सुनकर इन्द्रकुमार अर्जुन उसे सहन नहीं कर सके।
 
That war was extremely dreadful and amazing to watch. Hearing the roar of the enemies, Indrakumar Arjuna could not bear it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)