Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.137.31: कुंतीपुत्र भीम न केवल युद्ध में कुशल थे, बल्कि शारीरिक बल में भी उनका कोई सानी नहीं था। उन्होंने मृत्यु का रूप धारण कर लिया और अपनी गदा के प्रहार से हाथियों की सेना का संहार करने लगे। | mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स युद्धकुशल: पार्थो बाहुवीर्येण चातुल:।
अहनत् कुञ्जरानीकं गदया कालरूपधृत्॥ ३१॥
अनुवाद
कुंतीपुत्र भीम न केवल युद्ध में कुशल थे, बल्कि शारीरिक बल में भी उनका कोई सानी नहीं था। उन्होंने मृत्यु का रूप धारण कर लिया और अपनी गदा के प्रहार से हाथियों की सेना का संहार करने लगे।
Bhima, the son of Kunti, was not only skilled in warfare, but also had no equal in physical strength. He assumed the form of death and began killing the elephant army with the blows of his mace.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥