Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.137.29-30: पांचाल सेना अपनी उत्ताल तरंगों से भरे हुए समुद्र के समान गर्जना कर रही थी। महाबाहु भीमसेन हाथ में दंड लेकर उस विशाल सेना में यमराज के समान घुस गए, जैसे मगरमच्छ समुद्र में प्रवेश करता है। गदाधारी भीमसेन ने स्वयं हाथियों की सेना पर आक्रमण किया। | mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पांचाल सेना अपनी उत्ताल तरंगों से भरे हुए समुद्र के समान गर्जना कर रही थी। महाबाहु भीमसेन हाथ में दंड लेकर उस विशाल सेना में यमराज के समान घुस गए, जैसे मगरमच्छ समुद्र में प्रवेश करता है। गदाधारी भीमसेन ने स्वयं हाथियों की सेना पर आक्रमण किया।
The Panchala army was roaring like a turbulent ocean with its turbulent waves. The mighty-armed Bhimasena entered that huge army like Yamaraja with a stick in his hand, just like a crocodile enters the ocean. The mace-wielding Bhima himself attacked the army of elephants.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥