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mahabharat 1.137.14: ऐसा कहकर निष्पाप कुन्तीपुत्र अर्जुन अपने भाइयों के साथ नगर के बाहर आधा कोस की दूरी पर रुक गये।   |   mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.137.14 
एवमुक्त्वा तु कौन्तेयो भ्रातृभि: सहितोऽनघ:।
अर्धक्रोशे तु नगरादतिष्ठद् बहिरेव स:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर निष्पाप कुन्तीपुत्र अर्जुन अपने भाइयों के साथ नगर के बाहर आधा कोस की दूरी पर रुक गये।
 
Having said this, the sinless son of Kunti, Arjun along with his brothers halted outside the city at a distance of half a kos.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)