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परिष्वज्य च तस्याथ मूर्धानं स्नेहविक्लव:।
अंगराज्याभिषेकार्द्रमश्रुभि: सिषिचे पुन:॥ ४॥
अनुवाद
स्नेह से अभिभूत होकर उन्होंने कर्ण को गले लगा लिया और उसके सिर पर, जो अंगदेश के राजा के रूप में उसके अभिषेक के कारण गीला था, अपने आँसुओं से उसका अभिषेक किया।
Overwhelmed with affection, she embraced Karna and anointed his head, which was wet due to his anointing as the king of Angadesh, with her tears.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥