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mahabharat 1.136.19: यह सुनते ही दुर्योधन की जयजयकार के साथ-साथ सम्पूर्ण अखाड़े में (युद्ध की संभावना के कारण) कोलाहल मच गया। इतने में ही सूर्यदेव पश्चिम दिशा में चले गए॥19॥   |   mahabharat अध्याय 1.136: भीमसेनके द्वारा कर्णका तिरस्कार और दुर्योधनद्वारा उसका सम्मान   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 136: भीमसेनके द्वारा कर्णका तिरस्कार और दुर्योधनद्वारा उसका सम्मान  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.136.19 
तत: सर्वस्य रङ्गस्य हाहाकारो महानभूत्।
साधुवादानुसम्बद्ध: सूर्यश्चास्तमुपागमत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
यह सुनते ही दुर्योधन की जयजयकार के साथ-साथ सम्पूर्ण अखाड़े में (युद्ध की संभावना के कारण) कोलाहल मच गया। इतने में ही सूर्यदेव पश्चिम दिशा में चले गए॥19॥
 
On hearing this, the entire arena was filled with uproar (due to the possibility of war) along with the applause that Duryodhan was receiving. In the meantime, the Sun God went to the west.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)