Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.135.d1-38: वैशम्पायन कहते हैं - हे राजन! तत्पश्चात दुर्योधन ने राजा धृतराष्ट्र तथा गंगानन्दन भीष्म की अनुमति लेकर ब्राह्मणों द्वारा राज्याभिषेक की सामग्री मँगवाई। तत्पश्चात, उसी समय महाबली महारथी कर्ण को स्वर्ण सिंहासन पर बैठाया गया और मन्त्र जानने वाले ब्राह्मणों ने लावा और पुष्पों से भरे हुए स्वर्ण कलशों के जल से उनका अंगदेश के राजा के रूप में अभिषेक किया। तत्पश्चात, मुकुट, हार, बाजूबंद, कुण्डल, अंगद, राजचिह्नों तथा अन्य शुभ आभूषणों से विभूषित होकर वे छत्र, पंखा तथा जयघोष के साथ राजा के वैभव से सुशोभित होने लगे।।37-38।। | mahabharat अध्याय 1.135: कर्णका रंगभूमिमें प्रवेश तथा राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन कहते हैं - हे राजन! तत्पश्चात दुर्योधन ने राजा धृतराष्ट्र तथा गंगानन्दन भीष्म की अनुमति लेकर ब्राह्मणों द्वारा राज्याभिषेक की सामग्री मँगवाई। तत्पश्चात, उसी समय महाबली महारथी कर्ण को स्वर्ण सिंहासन पर बैठाया गया और मन्त्र जानने वाले ब्राह्मणों ने लावा और पुष्पों से भरे हुए स्वर्ण कलशों के जल से उनका अंगदेश के राजा के रूप में अभिषेक किया। तत्पश्चात, मुकुट, हार, बाजूबंद, कुण्डल, अंगद, राजचिह्नों तथा अन्य शुभ आभूषणों से विभूषित होकर वे छत्र, पंखा तथा जयघोष के साथ राजा के वैभव से सुशोभित होने लगे।।37-38।।
Vaishampayana says - O King! Thereafter Duryodhan, taking the permission of King Dhritarashtra and Ganganandan Bhishma, got the material for the coronation brought by the Brahmins. Then, at the same time, the mighty and mighty warrior Karna was seated on the golden throne and the Brahmins who knew the mantras anointed him as the king of Angadesh with water from golden pots filled with lava and flowers. Then, adorned with crown, necklace, armlet, bracelet, Angad, royal symbols and other auspicious ornaments, he started getting adorned with the glory of the king with umbrella, fan and cheers. 37-38.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥