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mahabharat 1.135.35: तब दुर्योधन ने कहा - आचार्य! शास्त्रों के सिद्धान्त के अनुसार राजा तीन प्रकार के होते हैं - कुलीन कुल में उत्पन्न मनुष्य, वीर योद्धा और सेनापति (अतः कर्ण भी राजा है, क्योंकि वह वीर योद्धा है)।   |   mahabharat अध्याय 1.135: कर्णका रंगभूमिमें प्रवेश तथा राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 135: कर्णका रंगभूमिमें प्रवेश तथा राज्याभिषेक  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  1.135.35 
दुर्योधन उवाच
आचार्य त्रिविधा योनी राज्ञां शास्त्रविनिश्चये।
सत्कुलीनश्च शूरश्च यश्च सेनां प्रकर्षति॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
तब दुर्योधन ने कहा - आचार्य! शास्त्रों के सिद्धान्त के अनुसार राजा तीन प्रकार के होते हैं - कुलीन कुल में उत्पन्न मनुष्य, वीर योद्धा और सेनापति (अतः कर्ण भी राजा है, क्योंकि वह वीर योद्धा है)।
 
Then Duryodhana said - Acharya! According to the principles of scriptures, there are three types of kings - a man born in a noble family, a valiant warrior and a commander in chief (therefore, Karna is also a king because he is a valiant warrior).
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)