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mahabharat 1.135.31-32: 'कर्ण! यह कुन्तीदेवी का सबसे छोटा पुत्र, पाण्डवपुत्र अर्जुन, कुरुवंश का रत्न है, जो तुम्हारे साथ द्वन्द्वयुद्ध करेगा। महाबाहो! इसी प्रकार तुम भी अपने माता-पिता और कुल का परिचय दो और उन राजाओं के नाम बताओ जिनके कुल को तुमने सुशोभित किया है।॥ 31-32॥   |   mahabharat अध्याय 1.135: कर्णका रंगभूमिमें प्रवेश तथा राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 135: कर्णका रंगभूमिमें प्रवेश तथा राज्याभिषेक  »  श्लोक 31-32
 
 
श्लोक  1.135.31-32 
अयं पृथायास्तनय: कनीयान् पाण्डुनन्दन:।
कौरवो भवता सार्धं द्वन्द्वयुद्धं करिष्यति॥ ३१॥
त्वमप्येवं महाबाहो मातरं पितरं कुलम्।
कथयस्व नरेन्द्राणां येषां त्वं कुलभूषणम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
'कर्ण! यह कुन्तीदेवी का सबसे छोटा पुत्र, पाण्डवपुत्र अर्जुन, कुरुवंश का रत्न है, जो तुम्हारे साथ द्वन्द्वयुद्ध करेगा। महाबाहो! इसी प्रकार तुम भी अपने माता-पिता और कुल का परिचय दो और उन राजाओं के नाम बताओ जिनके कुल को तुमने सुशोभित किया है।॥ 31-32॥
 
'Karna! This Kuntidevi's youngest son, Pandava son Arjuna is the jewel of the Kuru dynasty, who will fight a duel with you. Mahabaho! Similarly, you also introduce your parents and clan and tell the names of the kings whose clan has been adorned by you.॥ 31-32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)