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mahabharat 1.135.24: तदनन्तर अर्जुन के प्रति स्नेह के कारण इन्द्र को यह मंच देखते देख भगवान सूर्य ने भी उनके निकट के बादलों को तितर-बितर कर दिया॥24॥   |   mahabharat अध्याय 1.135: कर्णका रंगभूमिमें प्रवेश तथा राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 135: कर्णका रंगभूमिमें प्रवेश तथा राज्याभिषेक  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.135.24 
तत: स्नेहाद्धरिहयं दृष्ट्वा रङ्गावलोकिनम्।
भास्करोऽप्यनयन्नाशं समीपोपगतान् घनान्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर अर्जुन के प्रति स्नेह के कारण इन्द्र को यह मंच देखते देख भगवान सूर्य ने भी उनके निकट के बादलों को तितर-बितर कर दिया॥24॥
 
Thereafter, due to his affection towards Arjun, seeing Indra observing the stage, Lord Surya also dispersed the clouds near him. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)