दुर्योधन उवाच
स्वागतं ते महाबाहो दिष्टॺा प्राप्तोऽसि मानद।
अहं च कुरुराज्यं च यथेष्टमुपभुज्यताम्॥ १४॥
अनुवाद
दुर्योधन ने कहा- महाबाहो! आपका स्वागत है। माननीय! आप यहाँ पधारे हैं, यह हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है। मैं और कौरवों का यह राज्य सब आपका है। आप इसका भरपूर उपभोग करें॥ 14॥
Duryodhan said- Mahabaho! You are welcome. Honorable! You have come here, it is a matter of great fortune for us. I and this kingdom of the Kauravas are all yours. Enjoy them to your fullest.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥