Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.135.12: तब युद्ध में सदा प्रिय रहने वाले पराक्रमी कर्ण ने द्रोणाचार्य से अनुमति लेकर वहाँ अर्जुन द्वारा दिखाए गए समस्त अस्त्र-कौशल का प्रदर्शन किया॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.135: कर्णका रंगभूमिमें प्रवेश तथा राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 135: कर्णका रंगभूमिमें प्रवेश तथा राज्याभिषेक  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.135.12 
ततो द्रोणाभ्यनुज्ञात: कर्ण: प्रियरण: सदा।
यत् कृतं तत्र पार्थेन तच्चकार महाबल:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तब युद्ध में सदा प्रिय रहने वाले पराक्रमी कर्ण ने द्रोणाचार्य से अनुमति लेकर वहाँ अर्जुन द्वारा दिखाए गए समस्त अस्त्र-कौशल का प्रदर्शन किया॥12॥
 
Then the mighty Karna, who always loved war, taking permission from Dronacharya, demonstrated all the weapons skills that Arjun had displayed there.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)