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mahabharat 1.134.6: तत्पश्चात् द्रोणाचार्य ने बड़े-बड़े मेघों के समान कोलाहल करने वाले वाद्यों को रोककर रंगशाला में आगे आकर ये वचन कहे -॥6॥   |   mahabharat अध्याय 1.134: भीमसेन, दुर्योधन तथा अर्जुनके द्वारा अस्त्र-कौशलका प्रदर्शन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 134: भीमसेन, दुर्योधन तथा अर्जुनके द्वारा अस्त्र-कौशलका प्रदर्शन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.134.6 
ततो रङ्गाङ्गणगतो द्रोणो वचनमब्रवीत्।
निवार्य वादित्रगणं महामेघनिभस्वनम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् द्रोणाचार्य ने बड़े-बड़े मेघों के समान कोलाहल करने वाले वाद्यों को रोककर रंगशाला में आगे आकर ये वचन कहे -॥6॥
 
Thereafter Dronacharya, having stopped the musical instruments which were making a noise like great clouds, came forward in the theatre and said these words -॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)