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mahabharat 1.134.30: यहाँ कुन्ती के पाँचों भाइयों से घिरे हुए आचार्य द्रोण हस्त नक्षत्र के पाँच तारों से मिलकर चन्द्रमा के समान सुन्दर दिख रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 1.134: भीमसेन, दुर्योधन तथा अर्जुनके द्वारा अस्त्र-कौशलका प्रदर्शन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 134: भीमसेन, दुर्योधन तथा अर्जुनके द्वारा अस्त्र-कौशलका प्रदर्शन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.134.30 
पञ्चभिर्भ्रातृभि: पार्थैर्द्रोण: परिवृतो बभौ।
पञ्चतारेण संयुक्त: सावित्रेणेव चन्द्रमा:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
यहाँ कुन्ती के पाँचों भाइयों से घिरे हुए आचार्य द्रोण हस्त नक्षत्र के पाँच तारों से मिलकर चन्द्रमा के समान सुन्दर दिख रहे थे।
 
Here, surrounded by the five brothers of Kunti, Acharya Drona looked as beautiful as the moon combined with the five stars of Hasta constellation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)