श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 134: भीमसेन, दुर्योधन तथा अर्जुनके द्वारा अस्त्र-कौशलका प्रदर्शन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.134.20 
भौमेन प्राविशद् भूमिं पार्वतेनासृजद् गिरीन्।
अन्तर्धानेन चास्त्रेण पुनरन्तर्हितोऽभवत्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने भौमास्त्र से पृथ्वी और पर्वतास्त्र से पर्वतों का निर्माण किया; तत्पश्चात् अन्तर्धानस्त्र से वे स्वयं अदृश्य हो गये।
 
He created the earth with the Bhaumaastra and the mountains with the Parvatastra; then by means of the Antardhanastra he himself became invisible.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)