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mahabharat 1.132.19: इस अस्त्र का प्रयोग मनुष्यों पर कभी नहीं करना चाहिए। यदि इसका प्रयोग अल्पबुद्धि वाले मनुष्य पर किया जाए, तो यह उसका तथा सम्पूर्ण जगत का नाश कर सकता है।॥19॥   |   mahabharat अध्याय 1.132: अर्जुनके द्वारा लक्ष्यवेध, द्रोणका ग्राहसे छुटकारा और अर्जुनको ब्रह्मशिर नामक अस्त्रकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 132: अर्जुनके द्वारा लक्ष्यवेध, द्रोणका ग्राहसे छुटकारा और अर्जुनको ब्रह्मशिर नामक अस्त्रकी प्राप्ति  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.132.19 
न च ते मानुषेष्वेतत् प्रयोक्तव्यं कथंचन।
जगद् विनिर्दहेदेतदल्पतेजसि पातितम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
इस अस्त्र का प्रयोग मनुष्यों पर कभी नहीं करना चाहिए। यदि इसका प्रयोग अल्पबुद्धि वाले मनुष्य पर किया जाए, तो यह उसका तथा सम्पूर्ण जगत का नाश कर सकता है।॥19॥
 
‘You should never use this weapon on human beings. If it is used on a person of low intelligence, it can destroy him and the entire world.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)