Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.132.10: इस कार्य में सफल होने पर आचार्य ने अर्जुन को गले लगा लिया और उन्हें विश्वास हो गया कि राजा द्रुपद अपने भाइयों सहित युद्ध में अर्जुन से अवश्य ही पराजित हो जाएँगे॥10॥ | mahabharat अध्याय 1.132: अर्जुनके द्वारा लक्ष्यवेध, द्रोणका ग्राहसे छुटकारा और अर्जुनको ब्रह्मशिर नामक अस्त्रकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस कार्य में सफल होने पर आचार्य ने अर्जुन को गले लगा लिया और उन्हें विश्वास हो गया कि राजा द्रुपद अपने भाइयों सहित युद्ध में अर्जुन से अवश्य ही पराजित हो जाएँगे॥10॥
After succeeding in this task, the Acharya embraced Arjun and became confident that King Drupada along with his brothers will surely be defeated by Arjun in the war.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥