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mahabharat 1.131.9: तब पराक्रमी द्रोणाचार्य ने पाण्डवों (और अन्य शिष्यों) को विभिन्न प्रकार के दिव्य और मानवीय अस्त्र-शस्त्रों की शिक्षा देनी शुरू की।   |   mahabharat अध्याय 1.131: द्रोणाचार्यद्वारा राजकुमारोंकी शिक्षा, एकलव्यकी गुरुभक्ति तथा आचार्यद्वारा शिष्योंकी परीक्षा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.131.9 
ततो द्रोण: पाण्डुपुत्रानस्त्राणि विविधानि च।
ग्राहयामास दिव्यानि मानुषाणि च वीर्यवान्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तब पराक्रमी द्रोणाचार्य ने पाण्डवों (और अन्य शिष्यों) को विभिन्न प्रकार के दिव्य और मानवीय अस्त्र-शस्त्रों की शिक्षा देनी शुरू की।
 
Then the mighty Dronacharya began teaching the Pandavas (and other disciples) various kinds of divine and human weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)