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mahabharat 1.131.70: फिर मेरी आज्ञा मिलते ही उसका सिर काट डालो। हे पुत्रो! मैं तुम सब को बारी-बारी से इस काम के लिए नियुक्त करूँगा; जैसा मैं कहूँ वैसा ही तुम सब करना।   |   mahabharat अध्याय 1.131: द्रोणाचार्यद्वारा राजकुमारोंकी शिक्षा, एकलव्यकी गुरुभक्ति तथा आचार्यद्वारा शिष्योंकी परीक्षा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 131: द्रोणाचार्यद्वारा राजकुमारोंकी शिक्षा, एकलव्यकी गुरुभक्ति तथा आचार्यद्वारा शिष्योंकी परीक्षा  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  1.131.70 
मद्वाक्यसमकालं तु शिरोऽस्य विनिपात्यताम्।
एकैकशो नियोक्ष्यामि तथा कुरुत पुत्रका:॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
फिर मेरी आज्ञा मिलते ही उसका सिर काट डालो। हे पुत्रो! मैं तुम सब को बारी-बारी से इस काम के लिए नियुक्त करूँगा; जैसा मैं कहूँ वैसा ही तुम सब करना।
 
Then, as soon as you receive my permission, behead him. Sons! I will appoint each of you in turn for this task; you all must do as I tell you. 70.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)