हे ब्रह्मन्! अपनी प्रार्थना पूर्ण समझो। हे ब्रह्मर्षि! आपका आना हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है। आपने यहाँ आकर मुझ पर बड़ा उपकार किया है। ॥79॥
O Brahman! Consider your request fulfilled. O Brahmarshi! It is a matter of great fortune for us that you have come. You have bestowed a great favour on me by coming here. ॥ 79॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि सम्भवपर्वणि भीष्मद्रोणसमागमे त्रिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १३०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत सम्भवपर्वमें भीष्म-द्रोण-समागमविषयक एक सौ तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १३०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)