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mahabharat 1.130.78: आप कौरवों के धन, राज्य और राष्ट्र के सबसे बड़े राजा हैं। समस्त कौरव आपके अधीन हैं। 78.   |   mahabharat अध्याय 1.130: द्रोणका द्रुपदसे तिरस्कृत हो हस्तिनापुरमें आना, राजकुमारोंसे उनकी भेंट, उनकी गुल्ली और अँगूठीको कुएँमेंसे निकालना एवं भीष्मका उन्हें अपने यहाँ सम्मानपूर्वक रखना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 130: द्रोणका द्रुपदसे तिरस्कृत हो हस्तिनापुरमें आना, राजकुमारोंसे उनकी भेंट, उनकी गुल्ली और अँगूठीको कुएँमेंसे निकालना एवं भीष्मका उन्हें अपने यहाँ सम्मानपूर्वक रखना  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  1.130.78 
कुरूणामस्ति यद् वित्तं राज्यं चेदं सराष्ट्रकम्।
त्वमेव परमो राजा सर्वे च कुरवस्तव॥ ७८॥
 
 
अनुवाद
आप कौरवों के धन, राज्य और राष्ट्र के सबसे बड़े राजा हैं। समस्त कौरव आपके अधीन हैं। 78.
 
You are the greatest king of the wealth, kingdom and nation of the Kauravas. All the Kauravas are under your control. 78.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)