श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 130: द्रोणका द्रुपदसे तिरस्कृत हो हस्तिनापुरमें आना, राजकुमारोंसे उनकी भेंट, उनकी गुल्ली और अँगूठीको कुएँमेंसे निकालना एवं भीष्मका उन्हें अपने यहाँ सम्मानपूर्वक रखना  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  1.130.76 
वैशम्पायन उवाच
एवमुक्तस्तदा भीष्मो भारद्वाजमभाषत॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं- जब द्रोणाचार्य ने ऐसा कहा तो भीष्म ने उनसे कहा।
 
Vaishmpayana says - When Dronacharya said this, Bhishma told him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)