Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.130.61: मैंने सुना था कि द्रुपद को राजा के रूप में अभिषिक्त किया गया है, और इसलिए मैंने धन्य महसूस किया और अपने प्रिय मित्र के पास गया, जो सिंहासन पर बैठा था, बहुत खुशी के साथ। | mahabharat अध्याय 1.130: द्रोणका द्रुपदसे तिरस्कृत हो हस्तिनापुरमें आना, राजकुमारोंसे उनकी भेंट, उनकी गुल्ली और अँगूठीको कुएँमेंसे निकालना एवं भीष्मका उन्हें अपने यहाँ सम्मानपूर्वक रखना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने सुना था कि द्रुपद को राजा के रूप में अभिषिक्त किया गया है, और इसलिए मैंने धन्य महसूस किया और अपने प्रिय मित्र के पास गया, जो सिंहासन पर बैठा था, बहुत खुशी के साथ।
I had heard that Drupada had been anointed as the king, and so I felt blessed and went to my dear friend, who was seated on the throne, with great joy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥