Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.130.6: समय के साथ, जैसे-जैसे आदमी बूढ़ा होता है, उसकी दोस्ती भी कमज़ोर होती जाती है। पहले मेरी और तुम्हारी दोस्ती ताकत पर आधारित थी - उस समय तुम और मैं दोनों ही बराबर ताकतवर थे। | mahabharat अध्याय 1.130: द्रोणका द्रुपदसे तिरस्कृत हो हस्तिनापुरमें आना, राजकुमारोंसे उनकी भेंट, उनकी गुल्ली और अँगूठीको कुएँमेंसे निकालना एवं भीष्मका उन्हें अपने यहाँ सम्मानपूर्वक रखना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समय के साथ, जैसे-जैसे आदमी बूढ़ा होता है, उसकी दोस्ती भी कमज़ोर होती जाती है। पहले मेरी और तुम्हारी दोस्ती ताकत पर आधारित थी - उस समय तुम और मैं दोनों ही बराबर ताकतवर थे।
With time, as a man grows old, his friendship also weakens. Earlier, my friendship with you was based on strength - at that time both you and I were equally powerful.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥