Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.130.38-39: तब यह सोचकर कि द्रोणाचार्य ही इन बालकों के लिए उपयुक्त गुरु हो सकते हैं, भीष्म स्वयं आये और बड़े आदर के साथ उन्हें अपने घर ले गये। वहाँ शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ भीष्म ने बड़ी बुद्धिमानी से द्रोणाचार्य से उनके आने का कारण पूछा और द्रोण ने इस प्रकार कारण बताया। 38-39।   |   mahabharat अध्याय 1.130: द्रोणका द्रुपदसे तिरस्कृत हो हस्तिनापुरमें आना, राजकुमारोंसे उनकी भेंट, उनकी गुल्ली और अँगूठीको कुएँमेंसे निकालना एवं भीष्मका उन्हें अपने यहाँ सम्मानपूर्वक रखना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 130: द्रोणका द्रुपदसे तिरस्कृत हो हस्तिनापुरमें आना, राजकुमारोंसे उनकी भेंट, उनकी गुल्ली और अँगूठीको कुएँमेंसे निकालना एवं भीष्मका उन्हें अपने यहाँ सम्मानपूर्वक रखना  »  श्लोक 38-39
 
 
श्लोक  1.130.38-39 
युक्तरूप: स हि गुरुरित्येवमनुचिन्त्य च।
अथैनमानीय तदा स्वयमेव सुसत्कृतम्॥ ३८॥
परिपप्रच्छ निपुणं भीष्म: शस्त्रभृतां वर:।
हेतुमागमने तच्च द्रोण: सर्वं न्यवेदयत्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
तब यह सोचकर कि द्रोणाचार्य ही इन बालकों के लिए उपयुक्त गुरु हो सकते हैं, भीष्म स्वयं आये और बड़े आदर के साथ उन्हें अपने घर ले गये। वहाँ शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ भीष्म ने बड़ी बुद्धिमानी से द्रोणाचार्य से उनके आने का कारण पूछा और द्रोण ने इस प्रकार कारण बताया। 38-39।
 
Then thinking that Dronacharya could be the right teacher for these boys, Bhishma himself came and took them home with great respect. There Bhishma, the best among the weapon holders, very intelligently asked Dronacharya the reason for his arrival and Drona explained the reason as follows. 38-39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)