Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.130.20: उसी समय उसने थोड़ी दूरी पर एक काले रंग का ब्राह्मण बैठा देखा। उसने अग्निहोत्र किया था और किसी काम से वहाँ ठहरा हुआ था। वह बहुत परेशान लग रहा था। उसके बाल सफेद हो गए थे और शरीर बहुत कमज़ोर था। | mahabharat अध्याय 1.130: द्रोणका द्रुपदसे तिरस्कृत हो हस्तिनापुरमें आना, राजकुमारोंसे उनकी भेंट, उनकी गुल्ली और अँगूठीको कुएँमेंसे निकालना एवं भीष्मका उन्हें अपने यहाँ सम्मानपूर्वक रखना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसी समय उसने थोड़ी दूरी पर एक काले रंग का ब्राह्मण बैठा देखा। उसने अग्निहोत्र किया था और किसी काम से वहाँ ठहरा हुआ था। वह बहुत परेशान लग रहा था। उसके बाल सफेद हो गए थे और शरीर बहुत कमज़ोर था।
At the same time, he saw a dark-skinned Brahmin sitting at a little distance. He had performed Agnihotra and was staying there for some purpose. He looked to be in trouble. His hair had turned white and his body was very weak.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥