Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.130.15: वहाँ कृपाचार्य के बाद उनका पुत्र बलवान अश्वत्थामा स्वयं पाण्डवों को अस्त्र-शस्त्र विद्या सिखाने लगा; परन्तु लोग उसे पहचान न सके॥15॥ | mahabharat अध्याय 1.130: द्रोणका द्रुपदसे तिरस्कृत हो हस्तिनापुरमें आना, राजकुमारोंसे उनकी भेंट, उनकी गुल्ली और अँगूठीको कुएँमेंसे निकालना एवं भीष्मका उन्हें अपने यहाँ सम्मानपूर्वक रखना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ कृपाचार्य के बाद उनका पुत्र बलवान अश्वत्थामा स्वयं पाण्डवों को अस्त्र-शस्त्र विद्या सिखाने लगा; परन्तु लोग उसे पहचान न सके॥15॥
There his son, the powerful Ashvatthama, after Krupacharya, himself began teaching the Pandavas the art of weapons; but people could not recognize him.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥