Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.13.32: इस प्रकार प्राप्त हुई पत्नी के गर्भ से यदि कोई प्राणी उत्पन्न होगा, तो वह तुम सबका उद्धार करेगा। अतः हे मेरे पितरों, तुम अपने सनातन धाम को जाओ और वहाँ सुखपूर्वक रहो॥ 32॥ | mahabharat अध्याय 1.13: जरत्कारुका अपने पितरोंके अनुरोधसे विवाहके लिये उद्यत होना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार प्राप्त हुई पत्नी के गर्भ से यदि कोई प्राणी उत्पन्न होगा, तो वह तुम सबका उद्धार करेगा। अतः हे मेरे पितरों, तुम अपने सनातन धाम को जाओ और वहाँ सुखपूर्वक रहो॥ 32॥
If any creature is born from the womb of the wife thus obtained, he will save you all. Therefore, you, my forefathers, should go to your eternal abode and live there happily. ॥ 32॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि आस्तीकपर्वणि जरत्कारुतत्पितृसंवादे त्रयोदशोऽध्याय:॥ १३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत आस्तीकपर्वमें जरत्कारु तथा उनके पितरोंका संवाद नामक तेरहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १३॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥