Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.13.30: विशेष बात यह है कि मैं गरीब हूँ, मेरे माँगने पर भी कौन मुझे अपनी पुत्री पत्नी के रूप में देगा? इसलिए मैं सोचता हूँ कि यदि कोई अपनी पुत्री भीख में दे दे, तो मैं उसे स्वीकार कर लूँगा। | mahabharat अध्याय 1.13: जरत्कारुका अपने पितरोंके अनुरोधसे विवाहके लिये उद्यत होना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दरिद्राय हि मे भार्यां को दास्यति विशेषत:।
प्रतिग्रहीष्ये भिक्षां तु यदि कश्चित् प्रदास्यति॥ ३०॥
अनुवाद
विशेष बात यह है कि मैं गरीब हूँ, मेरे माँगने पर भी कौन मुझे अपनी पुत्री पत्नी के रूप में देगा? इसलिए मैं सोचता हूँ कि यदि कोई अपनी पुत्री भीख में दे दे, तो मैं उसे स्वीकार कर लूँगा।
The special thing is that I am poor, who would give me his daughter as a wife even if I asked for it? Therefore I think that if someone gives his daughter as alms, I will accept her. 30.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥