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mahabharat 1.13.26: अतः हे पुत्र! तुम हमारी अनुमति से विवाह करने का प्रयत्न करो और सन्तान उत्पन्न करने पर ध्यान दो। इसी में हमारा हित होगा॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 1.13: जरत्कारुका अपने पितरोंके अनुरोधसे विवाहके लिये उद्यत होना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 13: जरत्कारुका अपने पितरोंके अनुरोधसे विवाहके लिये उद्यत होना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.13.26 
तद् दारग्रहणे यत्नं संतत्यां च मन: कुरु।
पुत्रकास्मन्नियोगात् त्वमेतन्न: परमं हितम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
अतः हे पुत्र! तुम हमारी अनुमति से विवाह करने का प्रयत्न करो और सन्तान उत्पन्न करने पर ध्यान दो। इसी में हमारा हित होगा॥ 26॥
 
Therefore, son! You should try to get married with our permission and concentrate on producing children. This will be in our best interest.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)