Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.13.20-22: वह मूर्ख पुत्र प्राप्ति हेतु किसी स्त्री से विवाह नहीं करना चाहता। अतः वंश के नाश के कारण हम लोग इस गड्ढे में लटके हुए हैं। हमारी रक्षा करने वाला वह उत्तराधिकारी उपस्थित होने पर भी हम पापियों के समान अनाथ हो गए हैं। हे महामुनि! आप कौन हैं जो हमारे बन्धुओं के समान हमारी दयनीय स्थिति पर शोक कर रहे हैं? ब्रह्मन्! हम जानना चाहते हैं कि आप कौन हैं जो यहाँ हमारे साथ मित्र के समान खड़े हैं? हे सत्पुरुषों में श्रेष्ठ! आप हम दयनीय प्राणियों के लिए शोक क्यों करते हैं? | mahabharat अध्याय 1.13: जरत्कारुका अपने पितरोंके अनुरोधसे विवाहके लिये उद्यत होना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह मूर्ख पुत्र प्राप्ति हेतु किसी स्त्री से विवाह नहीं करना चाहता। अतः वंश के नाश के कारण हम लोग इस गड्ढे में लटके हुए हैं। हमारी रक्षा करने वाला वह उत्तराधिकारी उपस्थित होने पर भी हम पापियों के समान अनाथ हो गए हैं। हे महामुनि! आप कौन हैं जो हमारे बन्धुओं के समान हमारी दयनीय स्थिति पर शोक कर रहे हैं? ब्रह्मन्! हम जानना चाहते हैं कि आप कौन हैं जो यहाँ हमारे साथ मित्र के समान खड़े हैं? हे सत्पुरुषों में श्रेष्ठ! आप हम दयनीय प्राणियों के लिए शोक क्यों करते हैं?
That fool does not want to marry any woman to produce a son. Therefore, due to the destruction of the lineage, we are hanging here in this pit. Even though that successor who protects us is present, we have become orphans like sinful men. O great saint! Who are you who are mourning for our pitiable condition like our relatives? Brahman! We want to know who are you who are standing here with us like a friend? O best of the good men! Why do you mourn for us pitiable creatures?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥