Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.13.10: अस्थिका के पिता प्रजापति के समान ही प्रभावशाली थे। ब्रह्मचारी होने के साथ-साथ उन्होंने अपने आहार पर भी संयम रखा था। वे सदैव घोर तपस्या में लीन रहते थे॥10॥ | mahabharat अध्याय 1.13: जरत्कारुका अपने पितरोंके अनुरोधसे विवाहके लिये उद्यत होना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आस्तीकस्य पिता ह्यासीत् प्रजापतिसम: प्रभु:।
ब्रह्मचारी यताहारस्तपस्युग्रे रत: सदा॥ १०॥
अनुवाद
अस्थिका के पिता प्रजापति के समान ही प्रभावशाली थे। ब्रह्मचारी होने के साथ-साथ उन्होंने अपने आहार पर भी संयम रखा था। वे सदैव घोर तपस्या में लीन रहते थे॥10॥
Asthika's father was as influential as Prajapati. Besides being a celibate, he had also controlled his diet. He was always engaged in severe penance.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥