Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.129.8: गौतम ने वन में उस अप्सरा को वस्त्र धारण करते देखा। उसके सुन्दर शरीर की तुलना संसार में कहीं नहीं थी। उसे देखकर शरद्वान के नेत्र प्रसन्नता से चमक उठे। 8॥   |   mahabharat अध्याय 1.129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.129.8 
तामेकवसनां दृष्ट्वा गौतमोऽप्सरसं वने।
लोकेऽप्रतिमसंस्थानां प्रोत्फुल्लनयनोऽभवत्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
गौतम ने वन में उस अप्सरा को वस्त्र धारण करते देखा। उसके सुन्दर शरीर की तुलना संसार में कहीं नहीं थी। उसे देखकर शरद्वान के नेत्र प्रसन्नता से चमक उठे। 8॥
 
Gautam saw that nymph wearing a dress in the forest. There was no comparison to her beautiful body anywhere in the world. Seeing him, Sharadvan's eyes lit up with happiness. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)