Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.129.67: वह सब स्वीकार करके दोनों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य अस्त्रविद्या में पूर्ण निपुण हो गए और अत्यन्त प्रसन्न होकर अपने प्रिय मित्र द्रुपद के पास गए ॥67॥ | mahabharat अध्याय 1.129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह सब स्वीकार करके दोनों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य अस्त्रविद्या में पूर्ण निपुण हो गए और अत्यन्त प्रसन्न होकर अपने प्रिय मित्र द्रुपद के पास गए ॥67॥
Having accepted all that, Drona, the best of the two, became a complete expert in the knowledge of weapons and went to his dear friend Drupada very happy. 67॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि सम्भवपर्वणि द्रोणस्य भार्गवादस्त्रप्राप्तौ ऊनत्रिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १२९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत सम्भवपर्वमें द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-विद्याकी प्राप्तिविषयक एक सौ उन्तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १२९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥