श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  1.129.66 
तथेत्युक्त्वा ततस्तस्मै प्रादादस्त्राणि भार्गव:।
सरहस्यव्रतं चैव धनुर्वेदमशेषत:॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
तब 'ऐसा ही हो' कहकर भृगुवंशी परशुराम ने द्रोण को समस्त अस्त्र-शस्त्र प्रदान किये तथा उन्हें सम्पूर्ण धनुर्वेद, उसके रहस्यों और व्रतों सहित, भी सिखाया।
 
Then saying 'So be it', Bhrigu descendant Parashurama gave Drona all the weapons and also taught him the complete Dhanurveda along with its secrets and vows. 66.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)