Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.129.64: अतः तुम शस्त्र विद्या या यह शरीर मांग सकते हो। मैं इसे देने के लिए सदैव तत्पर हूँ। द्रोण! बताओ, मैं तुम्हें क्या दूँ? शीघ्र बताओ। 64। | mahabharat अध्याय 1.129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अस्त्राणि वा शरीरं वा वरयैतन्मयोद्यतम्।
वृणीष्व किं प्रयच्छामि तुभ्यं द्रोण वदाशु तत्॥ ६४॥
अनुवाद
अतः तुम शस्त्र विद्या या यह शरीर मांग सकते हो। मैं इसे देने के लिए सदैव तत्पर हूँ। द्रोण! बताओ, मैं तुम्हें क्या दूँ? शीघ्र बताओ। 64।
Therefore, you may ask for the knowledge of weapons or this body. I am always ready to give it. Drona! Tell me, what shall I give you? Tell me quickly. 64.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥