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mahabharat 1.129.6: कौरव! तब देवराज ने जानपदी नाम की एक कन्या को उसके पास भेजकर आदेश दिया कि 'तुम शरद्वान की तपस्या में विघ्न डालो।'॥6॥   |   mahabharat अध्याय 1.129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.129.6 
ततो जानपदीं नाम देवकन्यां सुरेश्वर:।
प्राहिणोत् तपसो विघ्नं कुरु तस्येति कौरव॥ ६॥
 
 
अनुवाद
कौरव! तब देवराज ने जानपदी नाम की एक कन्या को उसके पास भेजकर आदेश दिया कि 'तुम शरद्वान की तपस्या में विघ्न डालो।'॥6॥
 
Kaurava! Then the king of gods sent a girl named Jaanpadi to him and ordered that 'you should disturb the penance of Sharadvan'. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)