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mahabharat 1.129.55: तब द्रोण अपने शिष्यों के साथ महान परशुराम के पास गए और उन्हें अपना नाम बताया और यह भी बताया कि उनका जन्म अंगिरस वंश में हुआ है।   |   mahabharat अध्याय 1.129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  1.129.55 
ततो द्रोणो वृत: शिष्यैरुपगम्य भृगूद्वहम्।
आचख्यावात्मनो नाम जन्म चाङ्गिरस: कुले॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
तब द्रोण अपने शिष्यों के साथ महान परशुराम के पास गए और उन्हें अपना नाम बताया और यह भी बताया कि उनका जन्म अंगिरस वंश में हुआ है।
 
Then Drona along with his disciples went to the great Parashurama and told him his name and also said that he was born in the Angiras clan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)