Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.129.52: यह सुनकर कि परशुरामजी को धनुर्वेद और दिव्यास्त्रों का पूर्ण ज्ञान है, द्रोण ने उन्हें प्राप्त करने की इच्छा की और इसी प्रकार उन्होंने उनसे नीतिशास्त्र सीखने का भी विचार किया॥ 52॥ | mahabharat अध्याय 1.129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर कि परशुरामजी को धनुर्वेद और दिव्यास्त्रों का पूर्ण ज्ञान है, द्रोण ने उन्हें प्राप्त करने की इच्छा की और इसी प्रकार उन्होंने उनसे नीतिशास्त्र सीखने का भी विचार किया॥ 52॥
On hearing that Parashurama had the complete knowledge of Dhanurveda and divine weapons, Drona desired to acquire them. Similarly, he also thought of learning ethics from him.॥ 52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥