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श्लोक  1.129.42 
स नित्यमाश्रमं गत्वा द्रोणेन सह पार्थिव:।
चिक्रीडाध्ययनं चैव चकार क्षत्रियर्षभ:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
वह राजकुमार क्षत्रियों में श्रेष्ठ था। वह प्रतिदिन भारद्वाज ऋषि के आश्रम में जाकर द्रोण के साथ खेलता और अध्ययन करता था।
 
That prince was the best among the Kshatriyas. He used to go to the hermitage of sage Bharadwaj every day and play and study with Drona. 42.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)