श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  1.129.39 
अग्निवेशं महाभागं भरद्वाज: प्रतापवान्।
प्रत्यपादयदाग्नेयमस्त्रमस्त्रविदां वर:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
महाप्रतापी महर्षि भारद्वाज शस्त्र-विद्या में श्रेष्ठ थे। उन्होंने महाभाग अग्निवेश को आग्नेयास्त्र विद्या सिखाई थी ॥39॥
 
The glorious Maharishi Bhardwaj was the best among weapons experts. He taught firearms to Mahabhaga Agnivesh. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)