Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.129.37: परम बुद्धिमान भरद्वाजजी का मन उस अप्सरा की ओर आकर्षित हो गया; इससे उनका वीर्य स्खलित हो गया। ऋषि ने उस वीर्य को द्रोण (पवित्र पात्र) में रख दिया॥37॥ | mahabharat अध्याय 1.129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परम बुद्धिमान भरद्वाजजी का मन उस अप्सरा की ओर आकर्षित हो गया; इससे उनका वीर्य स्खलित हो गया। ऋषि ने उस वीर्य को द्रोण (पवित्र पात्र) में रख दिया॥37॥
The mind of the extremely intelligent Bharadwajji became attracted to that Apsara; due to this his semen was ejaculated. The sage kept that semen in Drona (sacred vessel).॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥