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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा
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श्लोक 32
श्लोक
1.129.32
कथं चास्य सुतो जात: सोऽश्वत्थामास्त्रवित्तम:।
एतदिच्छाम्यहं श्रोतुं विस्तरेण प्रकीर्तय॥ ३२॥
अनुवाद
और अस्त्रविद्या के विद्वानों में श्रेष्ठ द्रोणपुत्र अश्वत्थामा का जन्म किस प्रकार हुआ? यह सब मैं सुनना चाहता हूँ। कृपया मुझे विस्तारपूर्वक बताइए॥ 32॥
Also, how was Ashvatthama, the son of Drona, the best amongst the scholars of weapons, born? I wish to hear all this. Please tell me in detail.॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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