Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.129.31: जनमेजय ने पूछा - हे ब्रह्मन् ! द्रोणाचार्य का जन्म कैसे हुआ ? उन्हें अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञान कैसे हुआ ? वे कुरु देश में कैसे आए ? और वे महाबली द्रोण किसके पुत्र थे ?॥31॥ | mahabharat अध्याय 1.129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनमेजय उवाच
कथं समभवद् द्रोण: कथं चास्त्राण्यवाप्तवान्।
कथं चागात् कुरून् ब्रह्मन् कस्य पुत्र: स वीर्यवान्॥ ३१॥
अनुवाद
जनमेजय ने पूछा - हे ब्रह्मन् ! द्रोणाचार्य का जन्म कैसे हुआ ? उन्हें अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञान कैसे हुआ ? वे कुरु देश में कैसे आए ? और वे महाबली द्रोण किसके पुत्र थे ?॥31॥
Janamejaya asked - O Brahman! How was Dronacharya born? How did he acquire the knowledge of weapons? How did he come to Kuru country? And whose son was that mighty Drona?॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥