श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.129.30 
तेऽचिरेणैव कालेन सर्वशस्त्रविशारदा:।
बभूवु: कौरवा राजन् पाण्डवाश्चामितौजस:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
राजन! अमित तेजस्वी पाण्डव और कौरव सभी थोड़े ही समय में समस्त अस्त्र-शस्त्रों में अत्यन्त निपुण हो गए ॥30॥
 
Rajan! Amit Tejaswi, Pandavas and Kauravas all became highly proficient in all weapons in a short time. 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)