श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 129: कृपाचार्य, द्रोण और अश्वत्थामाकी उत्पत्ति तथा द्रोणको परशुरामजीसे अस्त्र-शस्त्रकी प्राप्तिकी कथा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.129.11 
यस्तस्य सहसा राजन् विकार: समदृश्यत।
तेन सुस्राव रेतोऽस्य स च तन्नान्वबुध्यत॥ ११॥
 
 
अनुवाद
राजा! अचानक मन में आई खलबली के कारण उसका वीर्य स्खलित हो गया; परंतु उसे इसका पता न चला ॥11॥
 
King! But due to the sudden disturbance in his mind, his semen got ejaculated; but he was not aware of this. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)