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mahabharat 1.128.8: महाभागे! हम उसके लिए अत्यंत व्याकुल मन से यहाँ आये हैं। यहाँ आकर क्या वह कहीं चला गया? अथवा आपने उसे कहीं भेज दिया है?॥8॥   |   mahabharat अध्याय 1.128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.128.8 
आगता: स्म महाभागे व्याकुलेनान्तरात्मना।
इहागम्य क्व नु गतस्त्वया वा प्रेषित: क्व नु॥ ८॥
 
 
अनुवाद
महाभागे! हम उसके लिए अत्यंत व्याकुल मन से यहाँ आये हैं। यहाँ आकर क्या वह कहीं चला गया? अथवा आपने उसे कहीं भेज दिया है?॥8॥
 
‘Mahabhage! We have come here with a very anxious heart for him. After coming here, did he go somewhere? Or have you sent him somewhere?’॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)