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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  1.128.40 
एवं दुर्योधन: कर्ण: शकुनिश्चापि सौबल:।
अनेकैरभ्युपायैस्ताञ्जिघांसन्ति स्म पाण्डवान्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार दुर्योधन, कर्ण और सुबलपुत्र शकुनि विभिन्न उपायों से पाण्डवों को मारना चाहते थे।
 
In this way, Duryodhana, Karna and Subala's son Shakuni wanted to kill the Pandavas by various means.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)