Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.128.37: धृतराष्ट्र के पुत्र ने पुनः कालकूट नामक एक नया, तीखा और रोंगटे खड़े कर देने वाला विष लिया, जिसे सत्व में परिवर्तित कर दिया गया और भीमसेन के भोजन में मिला दिया गया। | mahabharat अध्याय 1.128: भीमसेनके न आनेसे कुन्ती आदिकी चिन्ता, नागलोकसे भीमसेनका आगमन तथा उनके प्रति दुर्योधनकी कुचेष्टा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र के पुत्र ने पुनः कालकूट नामक एक नया, तीखा और रोंगटे खड़े कर देने वाला विष लिया, जिसे सत्व में परिवर्तित कर दिया गया और भीमसेन के भोजन में मिला दिया गया।
Dhritarashtra's son again had a new, pungent and hair-raising poison called Kalakuta, transformed into sattva, added to Bhimasena's food.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥